महात्मा गांधी: अहिंसा के पुजारी और भारत के पितामहात्मा गांधी, जिन्हें राष्ट्रपिता के रूप में जाना जाता है, भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत थे। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे गांधीजी ने अपना पूरा जीवन अहिंसा, सत्याग्रह और स्वदेशी के सिद्धांतों पर समर्पित कर दिया। वे न केवल भारत की आजादी के नायक थे, बल्कि विश्व स्तर पर शांति और मानवाधिकारों के प्रतीक बने।प्रारंभिक जीवन और शिक्षागांधीजी का बचपन साधारण था। उनके पिता करमचंद गांधी दीवान थे। 13 वर्ष की आयु में उनका विवाह कस्तूरबा से हो गया। लंदन से बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त करने के बाद वे दक्षिण अफ्रीका गए, जहां नस्लीय भेदभाव का सामना किया। वहां 1893 से 1914 तक रहते हुए उन्होंने पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग किया। भारतीयों के अधिकारों के लिए संघर्ष ने उन्हें एक महान नेता के रूप में स्थापित कर दिया।भारत लौटकर स्वतंत्रता संग्राम1915 में भारत लौटे गांधीजी ने चंपारण (बिहार) के किसानों के लिए सत्याग्रह शुरू किया, जो उनकी पहली बड़ी जीत थी। इसके बाद खेड़ा, अहमदाबाद मिल म...